जो बस आती ही नहीं, या बेतरतीब आती है, या वहाँ नहीं जाती जहाँ लोगों को जाना है — वह असल में सार्वजनिक परिवहन है ही नहीं। शहरी आवागमन की रीढ़ बनने के लिए सार्वजनिक परिवहन का बार-बार, भरोसेमंद और जुड़ा हुआ होना ज़रूरी है। इसका मतलब है पर्याप्त बसें, तर्कसंगत रूट योजना, निजी गाड़ियों पर बसों को तरजीह देने वाली समर्पित बस लेन, रियल-टाइम जानकारी और विभिन्न साधनों के बीच तालमेल।
इसका मतलब उन जगहों के लिए "लास्ट माइल" कनेक्टिविटी भी है जहाँ लोग असल में रहते और काम करते हैं। फ़िलहाल भारतीय शहर बसों में लगातार कम निवेश करते हैं और मेट्रो व फ़्लाईओवर पर पैसा लगाते हैं जो मुख्यतः अपेक्षाकृत संपन्न लोगों के काम आते हैं। हम परिवहन योजना को उस बहुसंख्यक की ओर मोड़ने की पैरवी करते हैं जो पैदल चलते, साइकिल चलाते और बस लेते हैं।
यह पृष्ठ इस विषय पर हमारे शोध, वक्तव्य, मीडिया और हाल के समाचार एक साथ लाता है: कनेक्टिविटी और भरोसेमंदी।
अभियान और शोध
- Bus Kahan Hai? — citizens shaping Delhi's new bus route planअभियान · लाइव
- Delhi Bus Shelter Auditडैशबोर्ड · 2024
- Journey to Campus: Mobility and Inequality in Delhi Universityरिपोर्ट · 2026
- Study of Priority Bus Lanes in Bengaluruरिपोर्ट · 2023
- Citizen Assembly on Public Transport for All (Bhalswa)कार्यशाला · 2024
वक्तव्य और पत्र
- Demand to DTIDC: repair and equip Delhi's worst bus stopsखुला पत्र · 2026
- On the Delhi government's decision to redevelop bus sheltersवक्तव्य · 2026
मीडिया और कवरेज
- Even basic facilities missing at city bus stops: Citizens auditTimes of India · 2026
- 'A long wait, humiliation': poor transport keeps cities unequalNewslaundry · 2025
समाचार और घटनाक्रम
- Delhi's DEVI buses can revolutionise neighbourhood mobility — fix frequency firstThePrint · 2026
- Delhi to bid adieu to its much-loved cluster busesHindustan Times · 2025
- Delhi govt to redevelop bus queues to generate ad revenueHindustan Times · 2026
- Delhi govt offers incentive for staff to travel by metro and busIndia Today · 2026
- Public transport crisis in DelhiJanchowk · 2026
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